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रेडियो बुंदेलखंड
अपना रेडियो अपनी बातें
सामुदायिक रेडियो बुंदेलखंड, डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स की एक पहल है जो मध्य भारत के बुंदेलखंड क्षेत्र के ताराग्राम ओरछा जिला निवाड़ी मध्य प्रदेश से, समुदाय को अपनी आवाज प्रदान करता है|
इसकी स्थापना 23 अक्टूबर 2008 में की गई थी| रेडियो बुंदेलखंड मध्य प्रदेश राज्य का पहला और भारत का दूसरा सामुदायिक रेडियो स्टेशन है| सामुदायिक रेडियो बुंदेलखंड स्थानीय भाषा में जिला निवाड़ी और झाँसी के चार ब्लॉक के 150 से ज्यादा गाँवों के लगभग 2 लाख से अधिक की आबादी तक क्षेत्रीय भाषा में समस्याओ तथा रुचियों पर आधारित सूचना व मनोरंजन के कार्यक्रमों का प्रसारण करके समुदाय तक अपनी आवाज पहुचाता है| समुदाय को अपनी महत्वाकांक्षाओं, समस्याओ और उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करता है| यह रेडियो स्टेशन सहभागिता और संगठनात्मक दृष्टिकोण परिवर्तन के लिए लोगो को सर्वसम्मति से सशक्त बनाता है|
नवीनतम गतिविधियाँ
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प्रगति और विकास

1,100

पोषण के महत्व के विषय में जागरूक करने हेतु लोगों से सीधा संपर्क

950

लोकगीत और 150 लोकगायकों द्वारा बुंदेली लोकगीत को प्रोत्साहन

15,000

लोगों तक जलवायु परिवर्तन पर रेडियो के माध्यम से पहुँच

800

लोगों को रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से आजीविका से जोड़ना

12

कम्युनिटी रेडियो को प्रशिक्षित किया गया

जलवायु अनुकूलन एवं लचीलापन

कार्बन डाइऑक्साइड

414भाग प्रति दस लाख

वैश्विक तापमान

2.0°F 1880 से

जलवायु परिवर्तन गतिविधियाँ

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रेडियो बुंदेलखंड के कार्यक्रम को सुनकर खेती में किया बदलाव

रेडियो बुंदेलखंड विगत 11 वर्षों से समुदाय के बीच उनके लिए कार्य कर रहा है। इसी सन्दर्भ में ...

महिलाओ ने बदली अपनी तकदीर

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कृषि तकनीक ने बदली जिन्दगी: खेत खलयान

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विचार विमर्श

जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभाव के बारे में रेडियो बुंदेलखंड द्वारा आयोजित सामूहिक चर्चाये एवम ऑनलाइन विचार विमर्श

जुड़िये ऑनलाइन विचार विमर्श प्रोग्राम से, प्रगतिशील बदलाव का हिस्सा बनिए

बुंदेलखंड के बारे में जानें

बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश के दक्षिण और मध्य प्रदेश के पूर्वोत्तर में स्थित है। यह एक पहाड़ी इलाका है, जिसमें पूर्व स्वातंत्रय युग में अनेक छोटी-बड़ी रियासतें थीं। जिसके उत्तर में यमुना और दक्षिण में विन्ध्य पर्वत शृंखला, पूर्व में बेतवा और पश्चिम में टौंस अथवा तमसा नदी स्थित है।

बुंदेली इस क्षेत्र की मुख्य बोली है। भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद बुंदेलखंड में जो एकता और समरसता है, उसके कारण यह क्षेत्र अपने आप में सबसे अनूठा बन पड़ता है। बुंदेलखंड की अपनी अलग ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत है। बुंदेली माटी में जन्मी अनेक विभूतियों ने न केवल अपना बल्कि इस अंचल का नाम खूब रोशन किया और इतिहास में अमर हो गए। महान चन्देल शासक बिधाधर चन्देल, आल्हा-ऊदल, खेतसिंह खंगार, महाराजा छत्रसाल बुंदेला, राजा भोज, ईसुरी, कवि पद्माकर, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, डॉ॰ हरिसिंह गौर, दद्दा मैथिलीशरण गुप्त, मेजर ध्यान चन्द्र , गोस्वामी तुलसी दास, दद्दा माधव प्रसाद तिवारी महोबा आदि अनेक महान विभूतियाँ इसी क्षेत्र से संबद्ध हैं। बुंदेलखंड में तारण पंथ का जन्म स्थान है। बुन्देलखण्ड के खजुराहो, झांसी और सागर शहर विश्वप्रसिद्ध हैं।